First Atom Bomb yaha Blast hua tha in Japan 🇯🇵😨 #shorts

ये है भाई हिरोशिमा का शमा हॉस्पिटल एंड यही वो बिल्डिंग थी जिसके एग्जैक्ट ऊपर 600 मीटर जो है वो फर्स्ट एटॉमिक बम फटा था हवा में ही जो अमेरिका ने गिराया था यहां पर बाकी बम का नाम था लिटिल बॉय और इस तरह का लगता था उसका मिनिएचर वर्जन है ये देखो यहां इन्होंने ऐसे बना भी रखा है और यह फोटो भी लगी हुई है कि उस टाइम पे जब बम गिरा था तो इस एरिया की ऐसी हालत हो गई थी एंड भाई यह एरिया का टेंपरेचर यहां देखो लिखा हुआ है 3000 से 4000 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका था और एक झटके में ही जितने लोग थे सब ने अपनी लाइफ खो दी थी यहां पर एंड आप अब देखो भाई हीरो वापस से जो है वो कितना ज्यादा डेवलप हो चुका है। मतलब एक तरफ यह फोटो है भाई जिसमें कोई भी बिल्डिंग दिखी नहीं थी। सब मलवा हो चुका है। और एक तरफ आप यह देख सकते हो भाई ऊंची-ऊंची बिल्डिंग्स वापस से खड़ी हो गई है। अच्छा बॉम्ब ना 8:16 पे फटा था और उस टाइम पे भाई घरों की जो घड़ी थी ना वो भी 8:16 पे ही रुक गई थी। अच्छा अमेरिका का ना प्लान इस ब्रिज के ऊपर बम गिराने का था क्योंकि यह ब्रिज ना टी शेप में है। एंड आसमान से ना यह ब्रिज आराम से दिख जाता। प्लस यह ब्रिज ना सिटी सेंटर के भी काफी करीब है। इसलिए उन्होंने प्लान किया था यहां पे करने का। बट भाई बम जो है वो थोड़ा सा मिस हो गया अपने डायरेक्शन से और सीमा हॉस्पिटल के जस्ट 600 मीटर ऊपर जाके फटा। फिर देखो बम जो है ना वह इस वाले डोम के उस तरफ फटा था सीमा हॉस्पिटल पे। तो जो बिल्डिंग की उधर वाली साइड है ना भाई वो तो पूरी तरह से डिस्ट्रॉय हो चुकी है। वहां पे आप देखोगे इवन जो दीवारों का प्लस्टर था ना वो भी गायब हो गया है। अंदर की ईंटें दिखने लग गई है। कहीं-कहीं जगहों पे सरिया दिख रहा है। सरिया भी गल चुका है भाई। खिड़कियां दरवाजे सब गायब हो चुके हैं। जबकि जो बिल्डिंग का इधर वाला हिस्सा है ना यहां पर आप देखोगे प्लस्टर जो है वो वैसा का वैसा ही है जैसे ओरिजिनली हुआ करता था। एंड डोम के ऊपर का जो गोल वाला पार्ट है ना वह भी पहले हरे रंग का हुआ करता था बड़ा सुंदर सा बट ऊपर अब आप देखोगे तो सब कुछ गायब हो चुका है। बस अंदर का लोहा वाला पार्ट जो है वो दिख रहा है भाई। ये देखो भाई उस टाइम की साइकिल भी बड़ी हुई है। क्या हालत हो रखी है आप देख सकते हो। इसके अलावा लोगों के कपड़े, चप्पल, बच्चों के जो टिफिन बॉक्स थे, चोपस्टिक थी वो सब भी देख सकते हो। और बम फटने के बाद टेंपरेचर इतना ज्यादा था कि आप स्किन देख सकते हो लोगों की किस तरह से जल गई है। इवन कुछ लोग तो बिल्कुल वेपराइज ही हो गए थे। और उस वजह से जो उनकी परछाई थी ना भाई वो जमीन पे ही रह गई है। देखो मतलब भाई पत्थर के ऊपर परछाई अभी तक है लेकिन लोग गायब हो गए थे। ये बुद्धा जी का स्टैचू की हालत देख सकते हो क्या हुई थी। बाकी आने वाले सालों में रेडिएशन की वजह से लोगों के नाखून देखो इस तरह से ब्लैक कलर के हो गए थे और कुछ लोगों के तो ऐसे डिफॉर्म्ड नेल्स जो है वो निकलने लगे थे। बाकी कुछ सालों बाद भाई इतने सारे ह्यूमन स्केलेटन्स निकले थे जिनकी डेथ हुई थी देख सकते हो आप। हालांकि अभी तो हिरशिमा सिटी काफी ज्यादा डेवलप हो चुकी है।

20件のコメント

  1. America should pay for this atrocities.American psych0path megalomaniac motherfu © ker pigs 🐖🐖🐖🐖🐖🐖🐖🐖🐖🐖

  2. Jdgu🇦🇺🇦🇿🇧🇫🇨🇭🇧🇼🇧🇿🇧🇼🇨🇲🇧🇲🇧🇶🇨🇩🇧🇿🇧🇳🇧🇱🇧🇷🇧🇼🇨🇿🇧🇴🇨🇬🇧🇻🇧🇷🇨🇮🇨🇨🇧🇾🇨🇬🇧🇶🇧🇷🇨🇿🇧🇶🇨🇳🇧🇾🇨🇿🇧🇷🇧🇶🇧🇲🇨🇽🇨🇬🇨🇿🇧🇷🇧🇾🇧🇸🇨🇭🇨🇿🇧🇶🇧🇼🇨🇾🇧🇱🇨🇿🇨🇭🇧🇷🇧🇿🇨🇮🇨🇦🇨🇩🇩🇲🇨🇩🇧🇻🇧🇼🇧🇿🇧🇾🇧🇶🇧🇪🇧🇶🇧🇼🇨🇰🇨🇫🇬🇳🇬🇷🇮🇨🇭🇳🇮🇱🇬🇼🇰🇭🇮🇹🇮🇨🇮🇨🇭🇲🇰🇷🇰🇾🇰🇿🇰🇳🇲🇩🇱🇾🇱🇾🇲🇹🇲🇬🇰🇿🇱🇮🇳🇿🇵🇳🇵🇬🇵🇳🇶🇦🇵🇱🇲🇻🇵🇰🇵🇦🇳🇪🇵🇦🇸🇯🇸🇳🇹🇦🇸🇦🇸🇬🇸🇦🇸🇭🇸🇧🇸🇳🇹🇨

  3. एक बार को मान लें कि जापान को हथियार डलवाने के लिए बम गिरना जरूरी था तो भी ये किसी ग्रामीण इलाके पर गिराया जा सकता था जिस से की कम तबाही होती और जापान को संदेश भी मिल जाता की हथियार डाल देना चाहिए वरना बड़ी तबाही हो सकती है।

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